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  1. प्राधिकरण की योजनाओं में भवन/भूखण्ड का आवंटन कैसे करायें ?
रिक्त भवनो/भूखण्डो की सूची प्राधिकरण के सूचना पट पर तथा वेबसाईट पर वेबसाईट पर उपलब्ध है। कतिपय पुरानी योजनाओं में प्रथम आगत प्रथम पावत के आधार पर भी आवंटन की सुविधा अपलब्ध है। सम्पत्ति अधिकारी ;फोन नम्बर 0581-2303989, हेल्प लाईन नम्बर 18002707270 था, ई-मेल : (bdabareilly@yahoo.com, blyda@nic.in) से विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

  1. प्राधिकरण के व्यवसायिक भूखण्ड शापिंग एरिया कैसे क्रय करें।
प्राधिकरण द्वारा सृजित किये व्यवसायिक भूखण्ड तथा शापिंग एरिया मोहर बन्द निविदा के माध्यम से आवंटित किये जाते है, जिसके विषय में समय-समय पर समाचार पत्रों के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है।

  1. रिफण्ड कैसे प्राप्त करें।
प्राधिकरण की योजनाओं में जिन आवेदकों को भवन/भूखण्ड नही आवंटित हो पाते हैं या जो आवंटन होने के बाद भवंन/भूखण्ड को निरस्त करवा लेते हैं व जिन्हें प्राधिकरण में जमा कराई धनराशि नियमानुसार प्राप्त नही होती है तो वे धनराशि के मूल साक्ष्य के साथ आवेदन कर 10 दिनों के अन्दर अपनी धनराशि, नियमानुसार कटौतियां यदि कोई हों, प्राप्त कर सकते हैं।

  1. क्या 100 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भवन मानचित्र स्वीकृत कराये जाने की आवश्यकता है ?
नगर के पुराने निर्मित क्षेत्र (जो लगभग 80 वर्श पुर्व बना है) तथा महायोजना में चिन्हित 100 वर्गमीटर तक के आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं होती है परन्तु भवन निर्माण विकास उपविधि 2008 के अनुसार सैट बैक आदि छोड़ा जाना अनिवार्य है जिसका विवरण वेबसाईट के पेज http://bdainfo.org/rules.htm पर उपलब्ध है। अन्य क्षेत्रों में निमार्ण से पूर्व भवन मानचित्र बरेली विकास प्राधिकरण से स्विकृत करना आवश्यक है।

  1. क्या 300 वर्गमीटर तक का भवन मानचित्र प्राधिकरण में जमा कराते ही स्वीकृत माना जाता है ?

यदि आर्कीटेक्ट 300 वर्गमीटर के भूखण्ड पर निर्माण का मानचित्र निम्नलिखित प्रमाण पत्र के साथ प्रधिकरण में जमा करता है कि 1. प्रश्नगत भूखण्ड नगरीय निर्मित क्षेत्र में है या प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कालोनी या ऐसी भूमी पर है जिसका तलपट मानचित्र/सबडिवीजन प्राधिकरण से पूर्व में स्वीकृत है व 2. स्थल का भूउपयोग महायोजना के अनुसार आवासीय है, तो ऐसी स्थिति में आर्कीटेक्ट द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र के आधार पर प्राधिकरण में विकास शुल्क जमा कराकर तत्काल मानचित्र निर्गत किया जाता है जो स्वीकृत माना जाता है। अन्य क्षेत्रो के मानचित्र हेतु समस्त औपचारिकताये पूण करने पर 30 दिन के अन्दर प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृत किया जाता है

  1. सबडिवीजन/लेआउट/व्यवसायिक/होटल/नर्सिंगहोम आदि का मानचित्र कैसे पास करायें ?
भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 के अनुरूप होने पर सबडिवीजन/लेआउट/व्यवसायिक/होटल/नर्सिंगहोम आदि का मानचित्र 90 दिन के अन्दर स्वीकृत किये जा सकते हैं कि निर्माणकर्ता विकास प्राधिकरण व ऐसे विभाग, जिनकी अनापत्ति/आपत्ति प्राप्त नही हुई हो, को लिखित नोटिस प्राप्त कराकर अपने रिस्क पर 10 दिन बाद निर्माणकर्ता का दायित्व होगा कि वे अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करें और उसमें लगाई गई शतों के अनुसार निर्माण कार्य करें। (विस्तृत विवरण हेतु भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 की प्राप्त कर सकते हैं।)

  1. भूउपयोग का परिर्वतन कैसे करायें ?
भूउपयोग परिवर्तन हेतु आवेदन निर्धारित शुल्क जोकि सर्किल रेट का 50 से 100 प्रतिशत तक है प्राधिकरण में जमा कराने के बाद प्राधिकरण स्तर पर परीक्षण उपरान्त प्राधिकरण स्तर पर परीक्षण उपरान्त प्राधिकरण बोर्ड के सम्मुख अनुमोदनार्थ रखा जाता है व तत्पश्चात शासन को सन्दर्भित किया जाता है। शासन है। शासन द्वारा आम जनता से आपत्तियां आदि मांगने की निर्धारित प्रक्रिया के बाद सम्यक विचारोपरान्त भूउपयोग परिवर्तन पर अन्तिम निर्णय लिया जाता है। सामान्तयः हरित क्षेत्रों व पूर्णतया आवासीय क्षेत्रों में व्यवासीय क्षेत्रों व पूर्णतया आवासीय क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियों हेतु अनुमति प्रदान नही की जाती है।


  1. अवैध निर्माण को वैध कैसे करायें ?
यदि निमार्ण भूउपयोग के विरूद्ध है तो ऐसे प्रकार में कम्पाउन्डिंग शासन द्वारा भूउपयोग परिवर्तन की अनुमती मिलने के पश्चात ही हो सकती है।
  1. यदि निर्माण भूउपयोग के विरूद्ध किन्तु ऐसी कालोनी/क्षेत्र में है जिसका तलपट मानचित्र/सबडिवीजन प्राधिकरण से स्विकृत कराने के बाद ही किसी व्यक्ति विशेश के भवन निर्माण की कम्पाउन्डिंग पर विचार सम्भव है। अवैध कालोनी के नियमितीकरण हेतु शासन द्वारा मई हैं जिसकी विवरण पुस्तिका प्राधिकरण में रू0 50/- का शुल्क जमा कराकर प्राप्त की जा सकती है।
  2. यदि निर्माण इसलिए अवैध है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्विकृत नहीं कराया गया है या स्वीकृत मानचित्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न करने पर अवैध निर्माण की नियमानुसार कम्पाउन्टर पर उपलब्ध है। कम्पाउन्डिंग करते समय एफ0ए0आर0 व सेटबैक्स कवर करने की अधिकतम सीमा का ध्यान अवश्य रखना होता है।


  1. अवैध निर्माण की कम्पाउन्डिंग न करने पर क्या परिणाम हो सकते हैं ?
1.अवैध निर्माण को तत्काल सील किया जा सकती है।
  1. नियमानुसार नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
  2. अवैध निर्माण के विरूद्ध प्राधिकरण से नोटिस प्राप्त होने के बाद भी निर्माण जारी रहने की स्थिति में प्रतिदिन रू0 500.00 जुर्माना लगाया जा सकता है।
  3. प्राधिकरण द्वारा फौजदारी का मुकदमा चलाया जा सकता है जिसमें जेल की सजा भी हो सकती है।


  1. प्राधिकरण की योजनाओं के अतिरिक्त स्थान से भूखण्ड/भवन क्रय करने से पुर्व भूस्वामित्व के अतिरिक्त किन बातों का ध्यान रखा जाये ?
1. स्थल/कालोनी का तलपट मानचित्र (सबडिवीजन) की प्राधिकरण से स्वीकृत के विशय में स्पशट जानकारी प्राप्त कर लें।
  1. तलपट मानचित्र स्वीकृत होने के बावजूद कभी कभी ऐसा भी होता है कि विकास कार्य मानकों के अनुरूप न हों या तलपट मापचित्र कुछ सीमित भवनों/भूखण्डों के लिए स्वीकृत कराया गया परन्तु बाद में कालोनाइजर द्वारा स्वीकृत अनाधिकृत रूप से तलपट का विस्तार कर लिया गया हो। इसकी स्पशट जानकारी कालोनाइजर से प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत तलपट मानचित्र देख कर प्रापत कर लें। किसी भी तरह की शंका होने पर प्राधिकरण में आवेदन देकर तथ्यों की पुश्टि करायी जा सकती है।
  2. कालोपाइजर द्वारा आन्तरिक विकास करने हेतु कतिपय भूखण्ड प्राधिकरण के पास बन्धक रखे जाते हैं जिनको स्वीकृत मानचित्र पर क्रास का निशान लगाकर दिखाया जाता है व स्वीकृत मानचित्र पर बन्धक भूखण्डों के नम्बर अलग से अंकित भी कर दिये जाते है। उक्त भूखण्ड आन्तरिक विकास कार्य नियमानुसार पूर्ण करने व प्राधिकरण से कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने पर ही विक्रय के लिए अवमुक्त किये जाते हैं। अतः यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि विक्रय के लिए प्रस्तावित भवन प्राधिकरण के पास बन्धक रखें भूखण्ड पर तो नही बना है।


  1. अवैध कालोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया है ?
इस हेतु शासन द्वारा वर्तमान में विस्तृत गाइडलाइन्स जारी की गई है जिसका प्रकाशन समाचार पत्रों में प्राधिकरण द्वारा समय समय पर किया गया है। ऐसी कालोनी के नियमितीकरण हेतु पंजीकरण द्वारा समय समय पर किया गया है। ऐसी कालोनीयों के निमितीकरण हेतु निण्मितीकरण फार्म प्राधिकरण से निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त कर सकते हैं तथा 1000/- जमा कर नियमितीकरण हेतु पंजीकरण करा सकते हैं। अन्य विस्तृत विवरण प्राधिकरण से प्राप्त कर सकते हैं।


  1. यदि प्राधिकरण की योजना में आवंटित भूखण्ड/भवन की धनराशि समय पर जमा न कराई गई हो तो क्या दण्ड ब्याज से बचने का कोई प्राविधान है
शासन द्वारा आवासीय भुखण्ड/भवनों हेतु वितथ समाधान योजना हाल ही में लागू की गई हैं। इसमें दण्ड ब्याज में छूट का प्राविधान है।


    13. प्राधिकरण की योजना में आवंटित भूखण्ड/भवन का कब्जा प्राप्त करने से पूर्व क्या करना होगा ?
न्यमानुसार धनराशि जमा करने के पश्चात रजिस्ट्री/एग्रीमेंट कराना आवश्यक होता है (इस हेतु प्रचलित दर पर स्टाप देय होता है)। रजिस्ट्री एग्रीमेन्ट के पश्चात ही कब्जा दिया जाता है।